एचपीवी टीकाकरण अभियान को तेज रफ्तार, दो हफ्तों में 3 लाख किशोरियों को सुरक्षा कवच

नई दिल्ली। देश में बेटियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए एचपीवी टीकाकरण अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। अभियान की शुरुआत के महज दो हफ्तों के भीतर ही लगभग 3 लाख 14 वर्ष की किशोरियों को टीका लगाया जा चुका है। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह इस महत्वपूर्ण जनस्वास्थ्य पहल की मजबूत और उत्साहजनक शुरुआत है।
मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, ओडिशा और मिजोरम जैसे राज्य इस अभियान में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। इन राज्यों में स्कूलों और समुदायों के सहयोग से टीकाकरण को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव में बेहद अहम भूमिका निभाती है, जो महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसर में से एक है। इस अभियान के प्रति अभिभावकों, स्कूलों और समाज में बढ़ती जागरूकता साफ तौर पर दिखाई दे रही है, जिससे टीकाकरण को व्यापक समर्थन मिल रहा है।
अभियान को शैक्षणिक सत्र के दौरान रणनीतिक रूप से शुरू किया गया है। हालांकि कई क्षेत्रों में परीक्षाएं चल रही हैं, फिर भी टीकाकरण की रफ्तार बनी हुई है। जैसे-जैसे परीक्षा सत्र समाप्त होगा, इस अभियान के और तेज होने की उम्मीद है, जिससे ज्यादा से ज्यादा किशोरियों तक यह जीवनरक्षक टीका पहुंच सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग स्कूलों, स्थानीय निकायों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मिलकर टीकाकरण प्रक्रिया को सुगम और सुलभ बनाने में जुटा है। अभिभावकों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपनी बेटियों को समय पर टीका लगवाने के लिए प्रोत्साहित करें।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि देश की बेटियों को कैंसर से सुरक्षित भविष्य देने की एक सामूहिक पहल है।