रिवर्सल नसबंदी :आत्मसमर्पण करने वाले लाल लड़ाकों का महारानी अस्पताल में सफल इलाज

जगदलपुर। मुख्यधारा में लौटे पूर्व माओवादियों की जिंदगी में नया सवेरा आ रहा है। सामान्य जीवन जीने की चाह रखने वाले ये युवा अब अपने उजड़े हुए परिवारों को फिर से बसाने, सामाजिक पहचान पाने और वंश आगे बढ़ाने की कोशिशों में जुट गए हैं।
इसी कड़ी में शनिवार को महारानी अस्पताल में संवेदनशील पहल देखने मिली। माओवादी संगठन के क्रूर दबाव में जबरन नसबंदी का शिकार हुए 30 पूर्व पुरुष माओवादियों का सफल रिवर्सल नसबंदी ऑपरेशन किया गया। यह पहल यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया और बस्तर पुलिस की ओर से की गई।
इसमें देश के शीर्ष यूरोलॉजिस्ट्स ने निशुल्क सेवाएं दीं। दरअसल, माओवादी संगठन के भीतर का अंदरूनी सच अमानवीय, वीभत्स और खौफनाक है।
बस्तर के घने जंगलों में सक्रिय माओवादी कैडरों के लिए संगठन के शीर्ष कमांडरों का बेहद कड़ा नियम था… संगठन में रहते हुए लड़ाकों को आपसी शादी की अनुमति तो दी जाती है, लेकिन बच्चा पैदा करने की सख्त मनाही होती है।