कोरबा। कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने कोरबा रेलवे स्टेशन की बदहाल स्थिति और वर्षों से अधूरे पड़े नवनीकरण कार्य पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव, जीएम व डीआरएम बिलासपुर को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारतीय रेल को भारी राजस्व देने वाला कोरबा आज भी रेलवे की उपेक्षा का शिकार बना हुआ है।
सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि कोरबा रेलवे स्टेशन का नवनीकरण कार्य वर्षों पहले शुरू किया गया था, लेकिन आज तक पूरा नहीं हो सका। निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण हजारों यात्रियों को रोजाना धूल, अव्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यह स्थिति रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के सरोना, चांपा और बालोद रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक स्वरूप दिया है, लेकिन कोरबा जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक और ऊर्जा नगरी के रेलवे स्टेशन की लगातार अनदेखी की जा रही है। आखिर कोरबा के यात्रियों के साथ यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है?
सांसद ने कहा कि कोरबा रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन हजारों यात्री सफर करते हैं, लेकिन उन्हें न पर्याप्त प्रतीक्षालय मिल रहा है, न बेहतर पेयजल व्यवस्था, न स्वच्छता, न पार्किंग और न ही अन्य आवश्यक यात्री सुविधाएं। वर्षों से निर्माण कार्य अधूरा छोड़ देना जनता के साथ अन्याय है।
ज्योत्सना चरणदास महंत ने केंद्रीय रेल मंत्री से मांग की है कि कोरबा रेलवे स्टेशन के नवनीकरण कार्य की उच्चस्तरीय समीक्षा कर निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए तथा समय-सीमा निर्धारित कर इसे शीघ्र पूरा कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि रेल को सर्वाधिक राजस्व देने वाले कोरबा की लगातार उपेक्षा जारी रही तो यह यहां की जनता के साथ अन्याय होगा, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने उम्मीद जताई कि रेल मंत्रालय कोरबा की जनता की वर्षों पुरानी मांग को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र ठोस निर्णय करेगा।