रायपुर, 28 अगस्त 2026

महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आर्थिक सहयोग का माध्यम बनने के साथ उन्हें परिवार की जरूरतों को पूरा करने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए आगे बढ़ने का संबल दे रही है। बस्तर जिले की तोकापाल निवासी रैबारी बघेल महतारी वंदन योजना से प्राप्त सहायता राशि का उपयोग घरेलू जरूरतों के साथ बच्चों की पढ़ाई में कर रही हैं। वहीं, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बिहान समूह से जुड़कर वनोपज संग्रहण एवं साग-सब्जी उत्पादन के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं।
रोजगार के अवसर और परिवार की आय में मिला अतिरिक्त सहयोग
रैबारी बघेल बताती हैं कि वह बिहान समूह की सदस्य महिलाओं के साथ मिलकर वनोपज संग्रहण तथा साग-सब्जी उत्पादन का कार्य करती हैं। इस कार्य से उन्हें अपने घर के कामकाज के साथ रोजगार का अवसर मिला है और परिवार की आय में भी अतिरिक्त सहयोग हो रहा है। मेहनत से अर्जित आय में से वह नियमित रूप से कुछ राशि बैंक में बचत करती हैं, ताकि भविष्य में किसी जरूरत या मुश्किल समय में यह बचत परिवार के काम आ सके।
बच्चों की पढ़ाई की छोटी-बड़ी आवश्यकताएं हुई पूरी
रैबारी का कहना है कि महतारी वंदन योजना की सहायता राशि ने घरेलू जरूरतों को पूरा करने में काफी मदद की है। इससे बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी छोटी-बड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में भी सुविधा मिलती है। वह अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य देने के लिए संकल्पबद्ध हैं और इसी उद्देश्य से परिवार की आय बढ़ाने के साथ बचत को भी प्राथमिकता दे रही हैं।
रक्षाबंधन से पहले मिली सहायता को बताया भाई का आशीर्वाद
रक्षाबंधन के पहले महतारी वंदन योजना की सहायता राशि मिलने पर श्रीमती रैबारी बघेल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है। इस अवसर पर राज्य शासन द्वारा महिलाओं को दी जा रही आर्थिक सहायता उनके लिए एक भाई का बहनों को आशीर्वाद देने के साथ-साथ सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिली सहायता और बिहान समूह से जुड़कर प्राप्त हो रही आय ने उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनने की दिशा में आगे बढ़ाया है। आज वह अपनी मेहनत से परिवार की जरूरतों में योगदान देने के साथ बच्चों की पढ़ाई और भविष्य के लिए भी बेहतर योजना बना पा रही हैं।